Monday, April 30, 2012

डाली से बिछ्डने के बावजूद अपनी फितरत नहि भुलते,
सूख जाने पर भी ये फुल खुशबू बांटना नहि छोडते...!
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पूनम  गणात्रा - 20/4/11

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